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मप्र के 14 मंत्रियों को अयोग्य ठहराने की याचिका पर विधानसभा को नोटिस
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News Reporter- Zindagi Online
Posted- 2 years ago

भोपाल प्रदेश सरकार में मंत्री बने 14 पूर्व विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष व प्रमुख सचिव (विधानसभा) को नोटिस जारी कर 21 सितंबर तक जवाब मांगा है। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का कहना है कि अभी नोटिस नहीं मिला है जब मिलेगा तो नियमानुसार जबाव देंगे।
कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा ने पक्ष रखा
जबलपुर उत्तर सीट से कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना की याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा ने पक्ष रखा। इसमें कहा गया कि दलबदल कानून के तहत ऐसे पूर्व विधायक जो विधायकी के दरमियान अपने आचरण से अपनी पार्टी को त्याग देते है उनको इस विधानसभा के कार्यकाल में मंत्री रहने का हक खत्म हो जाता है। जब तक कि वो फिर से चुनाव जीतकर न लौटें। ये कार्रवाई स्पीकर के संवैधानिक दायित्व के तहत आती है।

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