Shopping Cart
अनुकंपा के आधार पर नौकरी प्रदान करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने किया रद, जानिए पूरा मामला
[responsivevoice_button voice="Hindi Female" buttontext="Listen"]
News Reporter- Shailendra Sikarwar
Posted- 11 months ago

उच्च न्यायालय और न्यायाधिकरण के आदेश के खिलाफ स्टील अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की याचिका पर फैसला सुनाते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए दावा या अदालत जाने में देरी प्रभावित परिवार को तत्काल मदद की भावना के विरुद्ध है।

केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने सेल को अपने मृत कर्मचारी के दूसरे बेटे को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का निर्देश दिया था। न्यायाधिकरण के इस निर्देश को हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। इस मामले में मृत कर्मचारी के दूसरे बेटे से पहले उसके बड़े बेटे ने भी 1977 में अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए सेल के अधिकारियों से संपर्क किया था। कर्मचारी की मौत उसी साल हुई थी। उस समय प्रचलित नियमों के तहत उसका अनुरोध अस्वीकार कर दिया गया।शीर्ष अदालत ने कहा, उपरोक्त तथ्य के बावजूद अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए दूसरी बार 1996 में आवेदन दिया गया। इस बार आवेदन दूसरे बेटे ने दिया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 19 साल के लंबे अंतराल के बावजूद न्यायाधिकरण ने याचिकाकर्ता सेल को मामले पर पुनर्विचार करने और दूसरे बेटे को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का निर्देश दिया, जिसे बाद में हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा। हाई कोर्ट और न्यायाधिकरण के आदेश को दरकिनार करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि देरी और लापरवाही के कारण यह व्यक्ति अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के योग्य नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Board Portal Computer software

Board website software provides an easy-to-use interface with regards to board appointments. It enables users to